दोस्तों, अब बॉलीवुड को एक मोर्डर्न फिल्म इंडस्ट्री की तरह देखा जाता है। इसकी शुरुवात हुई थी साल १९७३ से, जब परवीन बाबी ने बॉलीवुड में अपने कदम रखें थे। उनकी पहली फिल्म 'चरित्र' में अपने जमाने के मशहूर क्रिकेटर और पहले अर्जुन अवार्ड से सम्मानित रहे सलीम दुरानी ने साथ में काम किया था।

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ये वो समय था जब बॉलीवुड की फिल्मों में ग्लैंमर नाम की कोई चीज नहीं हुआ करती थी। जिस तरीके से औरतों को घर में देखा जाता था, ठीक उसी तरह फिल्मों में भी पेश किया जाता था। परवीन बाबी की फिल्म चरित्र ने बॉलीवुड की अभिनेत्रियों की पुरानी छवि को एक नया रूप दिया था।

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परवीन बाबी के बॉलीवुड इंडस्ट्री में आने के बाद हिंदी फिल्मों की अभिनेत्रियों के कपडे, बोलचाल ये सबकुछ बदल गया था। परवीन बाबी ना सिर्फ पहली अभिनेत्री बल्कि वो पहली भारतीय रही है जिन्हें पहली बार 'टाइम मैगजीन' के कवर पेज पर आने का मौका मिला था।

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४ अप्रैल साल १९४९ में गुजरात के 'जूनागढ़' में जन्मी परवीन बाबी ने अपनी पढाई गुजरात के 'अहमदाबाद' में पूरी की थी। ग्लैंमर से भरपूर कई हिट फ़िल्में देने वाली परवीन बॉबी की निजी जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही थी। फिल्मों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रहती थी, जिस पर फ़िल्में भी बनी है।

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परवीन बाबी ने कई अभिनेताओं के साथ काम किया, मगर स्क्रीन पर अमिताभ बच्चन के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया जाने लगा। दोनों ने साथ में कई हिट फिल्में भी दी। ऑफ स्क्रीन इन दोनों के बीच अफेयर के किस्से भी जगजाहिर होने लगे थे। एक इंटरव्यू में परवीन ने अमिताभ बच्चन की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा था कि वह अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा इम्प्रेस अमिताभ से हुई थी।

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समय के साथ-साथ परवीन बाबी की मानसिक हालत बिगड़ती गयी और ये मानसिक बीमारी इस हद तक बढ़ गयी कि उन्होंने बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन पर ये आरोप लगा दिया कि वो परवीन बाबी को जान से मार देना चाहते है।

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एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ उन पर झूमर गिराना चाहते थे। इस फिल्म का नाम 'शान' था, जिसके एक गाने की शूटिंग के दौरान परवीन अचानक चिल्लाने लगी और कहा कि अमिताभ उनके ऊपर झूमर गिराकर मारना चाहते है और इसमें फिल्म के निर्देशक रमेश सिप्पी भी शामिल है।

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साल १९८९ में एक फिल्म मैगजीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 'अमिताभ बच्चन एक सुपर इंटरनेशनल गैंगस्टर है, वो मेरी जान के पीछे पड़े हुए है। उन्होंने गुंडों से मेरा अपहरण करवाया और अपहरण करके मुझे एक आइलैंड पर रख दिया और उसी आइलैंड पर उन्होंने मेरी सर्जरी करके मेरे कान के नीचे एक माइक्रोचिप लगा दिया है। इस चिप की मदद से वो मुझपर नज़र रखते है।' ऐसे ही एक इंटरव्यू में परवीन ने अपने कान के नीचे का जख्म मीडिया को भी दिखाया और कहा कि ये जख्म अमिताभ बच्चन की वजह से है।

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अमिताभ बच्चन को परवीन इस कदर अपना दुश्मन समझने लगी थी कि उन्होंने अमिताभ के खिलाफ कोर्ट में केस तक दाखिल कर दिया था। मगर कोर्ट ने अमिताभ को क्लीन चीट दे दी थी क्यूंकि परवीन मानसिक बीमारी का शिकार थी।

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इनकी ऐसी बातें सुनकर सिर्फ इनके दोस्त ही नहीं बल्कि रिश्तेदार भी परवीन से दूर रहने लगे। इसी दौरान चेकअप के बाद पता चला कि परवीन को 'पैरानॉइड सीजोफ्रेनिया' नाम की गंभीर मानसिक बीमारी है जिसमें इंसान को वो सब असल में होता हुआ दिखने लगता है जो सच नहीं होता।

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फिल्मों से दूर होने के बाद परवीन बाबी फिलॉसिपर यू जी कृष्णमूर्ति के साथ एक वर्ल्ड टूर पर गयी थी। करीब ६ साल बाद जब परवीन अपने वर्ल्ड टूर को ख़त्म करके जब भारत वापस आयी तो उन्होंने अपने सबसे भरोसेमंद आदमी, अपने मैनेजर वेद शर्मा को ही बुलाया था।

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जब वेद एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ कि जो परवीन भारत से गयी थी वो एक मशहूर अभिनेत्री रही थी और उनकी ख़ूबसूरती के लोग कायल हुआ करते थे, अब वही परवीन बेहद मोटी हो चुकी थी और बिखरे बालों के साथ अपने हाथों में परवीन नाम का प्ले कार्ड लिए खड़ी थी। कमाल की बात ये थी कि एक मशहूर अभिनेत्री अपने ही नाम का टैग पकड़ कर खड़ी थी ताकि लोग उन्हें पहचान पाये।

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९० के दशक में बहुत से जर्नलिस्ट परवीन बाबी के घर उनका इंटरव्यू लेने के जाया करते थे। ये जर्नलिस्ट जब भी उनके घर जाते परवीन उन्हें अपना खाना और पीना चखने के लिए कहा करती थी। ऐसा वो अपनी संतुष्टि के लिए किया करती थी, केवल ये जानने के लिए कि कहीं किसी ने उनके खाने में जहर तो नहीं मिलाया। हर जर्नलिस्ट उनको अमिताभ बच्चन का भेजा हुआ आदमी लगता था और अमिताभ को स्क्रीन पर देखते ही वो गुस्से में बौखला जाती थी।

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रिश्तेदारों के साथ-साथ अब नौकरों ने भी परवीन का साथ छोड़ दिया था। ऐसे में जब तीन दिनों तक परवीन के घर के बाहर से दूध की बोतलें और अखबार नहीं उठाये गए तो आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस को इस बात की खबर दी। जब पुलिस दरवाजा तोड़कर परवीन के घर के अंदर पहुंची, तब उन्हें पता चला कि परवीन अब इस दुनिया में नहीं रही।

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पोस्टमॉर्टम के बाद ये पता चला कि परवीन बाबी को डायबिटीस था, जिसकी वजह से उनके पैरों में गैंगरे हो गया था। अपने ही घर में उन्हें एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए भी व्हील चेयर का इस्तेमाल करना पड़ता था। परवीन बाबी ने अपने मरने के तीन दिन पहले से कुछ भी नहीं खाया था।

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परवीन बाबी की जिंदगी का अंत काफी दुखद रहा मगर उन्होंने अपने समय में भारतीय सिनेमा को काफी फिल्मों के रूप में काफी सफलताएं भी दी। उनके जैसी अभिनेत्री बॉलीवुड में कभी रही है और ना कभी होगी।
